गोरखपुर में CM योगी का बड़ा संदेश—पत्रकारिता बेलगाम नहीं हो सकती

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता की वर्तमान दिशा और चुनौतियों पर गंभीर विचार रखे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आज के दौर में प्रिंट, विजुअल, डिजिटल और सोशल मीडिया के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है, क्योंकि अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक ही खबर की भिन्न प्रस्तुति आमजन के बीच भ्रम पैदा कर सकती है।

गोरखपुर में भव्य शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन

गोरखपुर के सिविल लाइंस स्थित गोरखपुर क्लब सभागार में गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह भव्य तरीके से संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

मीडिया को मूल्यों और आदर्शों से जोड़ने की अपील

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता को ‘बेलगाम’ होने से बचाना जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मीडिया को अपने मूल्यों, आदर्शों और जिम्मेदारियों के साथ कार्य करना चाहिए। यदि मीडिया तथ्यपरक और संतुलित रिपोर्टिंग करेगा, तभी समाज में उसका विश्वास कायम रहेगा।

‘आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा, इसे निजी न लें’

सीएम योगी ने लोकतंत्र में संवाद की अहमियत बताते हुए कहा कि आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश के रूप में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समाज का आईना है और इसका काम निष्पक्षता के साथ सच को सामने लाना है।

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों का गौरव

मुख्यमंत्री ने हिंदी पत्रकारिता के ऐतिहासिक सफर का जिक्र करते हुए बताया कि 30 मई 1826 को उदंत मार्तण्ड के प्रकाशन से इसकी शुरुआत हुई थी। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी पत्रकारिता ने लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।

महान हस्तियों का पत्रकारिता में योगदान

सीएम योगी ने महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, गणेश शंकर विद्यार्थी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी ने पत्रकारिता को समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनाया।

विघटनकारी शक्तियों से सावधान रहने की चेतावनी

मुख्यमंत्री ने मीडिया के एक वर्ग पर समाज को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी प्रवृत्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता ‘सत्यमेव जयते’ के सिद्धांत पर आधारित है और इसे किसी भी दबाव में आकर भटकना नहीं चाहिए।

सरकार की योजनाएं और पत्रकारों के लिए पहल

सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश सरकार पत्रकारों के लिए आवासीय योजनाएं और कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसी कई पहलें कर रही है। साथ ही उन्होंने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी दोहराई।

गोरखपुर की पत्रकारिता की राष्ट्रीय भूमिका

उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और नेपाल की बड़ी आबादी गोरखपुर पर निर्भर है। ऐसे में यहां की पत्रकारिता का प्रभाव क्षेत्र व्यापक है और यह राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा सकती है।

कार्यक्रम में दिग्गजों की मौजूदगी

समारोह में सांसद रवि किशन शुक्ल, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। प्रेस क्लब के अध्यक्ष ओंकार धर द्विवेदी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

भरोसे की बुनियाद है जिम्मेदार पत्रकारिता

इस पूरे आयोजन में मुख्यमंत्री का संदेश साफ था—पत्रकारिता सिर्फ खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने की जिम्मेदारी भी है। अगर मीडिया अपने मूल्यों पर कायम रहता है, तो वह लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तंभ बन सकता है।

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